RBI ने UPI के तहत स्मॉल फाइनेंस बैंकों को पूर्व-स्वीकृत क्रेडिट लाइन्स देने की अनुमति दी, डिजिटल क्रेडिट में नया बदलाव

RBI allows Small Finance Banks to offer pre-approved credit lines under UPI, a new development in digital credit

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) के तहत एक अहम बदलाव करते हुए स्मॉल फाइनेंस बैंकों (SFBs) को पूर्व-स्वीकृत क्रेडिट लाइन्स (Pre-Sanctioned Credit Lines) प्रदान करने की अनुमति दी है। इस निर्णय से डिजिटल ट्रांजैक्शन और क्रेडिट एक्सेस दोनों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे आम ग्राहकों को त्वरित और सुविधाजनक फंडिंग का लाभ मिलेगा।

अब UPI से सीधे मिलेगा क्रेडिट पहले UPI ट्रांजैक्शन केवल सेविंग अकाउंट, ओवरड्राफ्ट, प्रीपेड वॉलेट और क्रेडिट कार्ड तक सीमित थे। अब, यूजर्स अपने बैंक खातों के साथ-साथ सीधे प्री-अप्रूव्ड क्रेडिट लाइन्स को भी लिंक कर सकेंगे। इसका मतलब है कि अगर ग्राहक को आवश्यकता होती है, तो वह UPI के माध्यम से अपनी क्रेडिट लाइन से भुगतान कर सकेंगे, जिससे शॉर्ट-टर्म फंडिंग तेज और सरल हो जाएगी।

12 फरवरी 2025 से लागू होंगे नए नियम RBI ने 12 फरवरी 2025 को जारी किए गए अपने नोटिफिकेशन में बताया कि शिड्यूल्ड कमर्शियल बैंक, ग्राहक की सहमति के बाद UPI पर प्री-अप्रूव्ड क्रेडिट लाइन की सुविधा प्रदान कर सकते हैं। प्रत्येक बैंक अपनी नीतियों के अनुसार क्रेडिट लिमिट, ब्याज दर और पुनर्भुगतान शर्तें तय करेगा। यह नया नियम ग्राहकों को पारंपरिक क्रेडिट कार्ड और पर्सनल लोन के मुकाबले एक वैकल्पिक और अधिक सुविधाजनक विकल्प प्रदान करेगा।

छोटे कारोबारियों और सैलरीड प्रोफेशनल्स को होगा फायदा यह नया बदलाव विशेष रूप से छोटे कारोबारियों, स्टार्टअप्स और सैलरीड प्रोफेशनल्स के लिए फायदेमंद होगा, जिन्हें कभी-कभी अल्पकालिक क्रेडिट की आवश्यकता होती है। यदि बैंक प्रतिस्पर्धी ब्याज दरों की पेशकश करते हैं, तो यह पारंपरिक लोन और क्रेडिट कार्ड से सस्ता और अधिक प्रभावी उधारी विकल्प बन सकता है।

फटाफट लोन, लेकिन शर्तों को समझना जरूरी UPI से जुड़ी इस नई क्रेडिट सुविधा से उपभोक्ताओं को त्वरित पैसा मिलेगा, लेकिन इसका सही तरीके से उपयोग करना बहुत जरूरी है। कुछ बैंक उच्च ब्याज दरें या अतिरिक्त शुल्क वसूल सकते हैं। इसलिए ग्राहकों को इस सुविधा का लाभ लेने से पहले सभी शर्तों को ध्यान से पढ़ना और समझना चाहिए ताकि वे अतिरिक्त वित्तीय बोझ से बच सकें।

डिजिटल क्रेडिट की ओर बढ़ता भारत RBI का यह निर्णय देश में डिजिटल लोन और भुगतान प्रणाली को एक नए स्तर पर ले जाएगा। यह कदम भारत में क्रेडिट एक्सेस को सरल बनाएगा और छोटे व्यापारियों तथा मध्यमवर्गीय ग्राहकों को आर्थिक रूप से मजबूत करेगा। यदि बैंक इसे सही तरीके से लागू करते हैं, तो यह डिजिटल पेमेंट इंडस्ट्री में एक महत्वपूर्ण बदलाव साबित हो सकता है।

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